ईमानदारी की प्रतिमूर्ति स्वाध्याय
ईमानदारी की प्रतिमूर्ति स्वाध्याय इयत्ता दहावी हिंदी

लेखनीय
आज के उपभोक्तावादी युग में पनप रही दिखावे की संस्कृति पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
आज का युग उपभोक्तावाद (Consumerism) का युग कहलाता है। लोग अपनी आवश्यकताओं से अधिक सुख-सुविधाओं और दिखावे पर ध्यान देने लगे हैं। समाज में अपनी पहचान बनाए रखने या दूसरों से श्रेष्ठ दिखने की होड़ में लोग महँगे कपड़े, मोबाइल, वाहन और वस्तुएँ खरीदते हैं, भले ही उनकी उतनी ज़रूरत न हो।
इस दिखावे की संस्कृति ने लोगों के जीवन में कृत्रिमता बढ़ा दी है। अब सादगी और सच्चाई की जगह बाहरी चमक-दमक को महत्व दिया जाने लगा है। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि मानसिक तनाव और असंतोष भी बढ़ता जा रहा है।
हमें यह समझना चाहिए कि सच्ची खुशी वस्तुओं में नहीं, बल्कि संतोष और सादगी में है। जीवन का उद्देश्य दिखावा नहीं, बल्कि सच्चे मूल्यों पर आधारित जीवन जीना होना चाहिए।
पठनीय
पुलिस द्वारा नागरी सुरक्षा के लिए किए जाने वाले कार्यों की जानकारी पढिए एवं उनकी सूची बनाइए।
उत्तर :
पुलिस हमारे समाज की सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है। नागरिकों की सुरक्षा, शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उसका प्रमुख कर्तव्य है। पुलिस द्वारा नागरी सुरक्षा के लिए किए जाने वाले प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं —
पुलिस द्वारा नागरी सुरक्षा हेतु किए जाने वाले कार्यों की सूची :
- कानून और व्यवस्था बनाए रखना – समाज में शांति और अनुशासन बनाए रखना।
- अपराधों की रोकथाम – चोरी, डकैती, हत्या, लूट आदि अपराधों को रोकने के लिए गश्त करना।
- दुर्घटनाओं में सहायता करना – सड़क दुर्घटनाओं या प्राकृतिक आपदाओं में लोगों की मदद करना।
- महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा – महिला सुरक्षा अभियान, हेल्पलाइन और बाल संरक्षण उपाय लागू करना।
- यातायात नियंत्रण – सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना और दुर्घटनाओं को रोकना।
- सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था – त्योहार, रैली या सभा के समय भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- आपातकालीन सहायता प्रदान करना – किसी संकट या घटना के समय तुरंत मदद पहुँचाना।
- जनजागृति फैलाना – लोगों को सुरक्षा, कानून और अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देना।
संभाषणीय
अनुशासन जीवन का एक अंग है, इसके विभिन्न रूप आपको कहाँ-कहाँ देखने को मिलते हैं, बताइए।
उत्तर :
नुशासन जीवन का अत्यंत आवश्यक अंग है। यह व्यक्ति के व्यवहार, विचार और कार्यों में संतुलन बनाए रखता है। अनुशासन का पालन करने से जीवन में सफलता, सम्मान और स्थिरता प्राप्त होती है।
संभाषण (संवाद रूप में उत्तर):
शिक्षक: बच्चों, बताओ – अनुशासन का क्या अर्थ होता है?
छात्र अ: सर, नियमों और व्यवस्था का पालन करना ही अनुशासन कहलाता है।
शिक्षक: बहुत अच्छा! अब बताओ, अनुशासन के रूप हमें कहाँ-कहाँ दिखाई देते हैं?
छात्र ब: विद्यालय में जब हम समय पर आते हैं, शिक्षकों का सम्मान करते हैं, वह अनुशासन है।
छात्र स: घर में माता-पिता की बात मानना और नियमित रूप से पढ़ाई करना भी अनुशासन है।
छात्र द: सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का पालन करना और सार्वजनिक स्थलों पर शांति बनाए रखना भी अनुशासन का रूप है।
शिक्षक: बिल्कुल सही! अनुशासन हर क्षेत्र में आवश्यक है – चाहे वह घर हो, विद्यालय, समाज या कार्यस्थल।
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
१) संजाल पूर्ण कीजिए :

उत्तर :

२) परिणाम लिखिए :
१. सुबह साढ़े पाँच-पौने छह बजे दरवाजा खटखटाने का –
उत्तर :
लेखक की नींद टूट गई और उसने बिगड़ने के मूड में बड़बड़ाते हुए दरवाजा खोला।
२. साठ पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से पैसे जमा करवाने का –
उत्तर :
साठ पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से पैसे जमा करवाने का – पिता की यह बात सुनकर दोनों भाई वहाँ रुक नहीं सके। कमरे में जाकर देर तक फूट-फूटकर रोते रहे।
३)

उत्तर :

४) वर्ण पहेली से विलोम शब्दों की जोड़ियाँ ढूँढकर लिखिए :

उत्तर :

५) ‘पर जो असल गहना है वह तो है’ इस वाक्य से अभिप्रेत भाव लिखिए।
उत्तर :
स्त्री के सोने-चाँदी, हीरे-मोती के गहने उसके शरीर के बाह्य शृंगारिक गहने होते है। ये गहने स्थायी नहीं होते। स्त्री का असली गहना तो उसका पति होता है, जो जीवन पर उसका साथ निभाता है।
६) कुरते के प्रसंग से शास्त्री जी के इन गुणों (स्वभाव) का पता चलता है :
१.
२.
उत्तर :
१. किफायत
२. सादगी
७) पाठ में प्रयुक्त परिमाणों की सूची तैयार कीजिए :
१.
२.
उत्तर :
१. ग्राम
२. किलोमीटर
८) ‘पर’ शब्द के दो अर्थ लिखकर उनका स्वतंत्र वाक्य में प्रयोग कीजिए।
१.
२.
उत्तर :
१. पर
अर्थ : पक्षी का पंख, डैना।
वाक्य : गिद्ध के पर बहुत बड़े और भारी होते है।
२. पर
अर्थ – लेकिन, परंतु।
वाक्य : सरकार ने किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा कर दी, पर उस पर कोई कारवाई नहीं हुई।
अभिव्यक्ति
‘सादा जीवन, उच्च विचार’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
सादा जीवन, उच्च विचार – यह एक ऐसा सिद्धांत है जो व्यक्ति के जीवन को आदर्श और सार्थक बनाता है। सादा जीवन का अर्थ है – दिखावे, विलासिता और आडंबर से दूर रहकर सरल, ईमानदार और नैतिक जीवन जीना। उच्च विचार का अर्थ है – मानवता, सत्य, करुणा, और परोपकार जैसे गुणों को अपने जीवन में अपनाना।
ऐसे व्यक्ति बाहरी भौतिक सुख-सुविधाओं से नहीं, बल्कि अपने अच्छे कर्मों और विचारों से सुख प्राप्त करते हैं। जो व्यक्ति सादगी अपनाता है, वह समय, धन और ऊर्जा का सदुपयोग करता है। उसके विचार समाज के कल्याण के लिए होते हैं। वह दूसरों के दुःख में सहानुभूति रखता है और सबके साथ समानता का व्यवहार करता है।
महात्मा गांधी, विनोबा भावे और सुभाषचंद्र बोस जैसे महापुरुष सादगी और उच्च विचार के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने अपने जीवन में भौतिक वस्तुओं का मोह नहीं किया, बल्कि मानवता और देशभक्ति के पथ पर चलकर अमर हो गए।
भाषा बिंदु
१) निम्नलिखित वाक्यों को व्याकरण नियमों के अनुसार शुद्ध करके फिर से लिखिए :
[प्रत्येक वाक्य में कम-से-कम दो अशुद्धियाँ हैं]
१. करामत अली गाय अपनी घर लाई।
उत्तर :
करामत अली गाय को अपने घर लाए।
२. उसने गाय की पीठ पर डंडे बरसाने नहीं चाहिए थी।
उत्तर :
उसे गाय की पीठ पर डंडे नहीं बरसाने चाहिए थे।
३. करामत अली ने रमजानी पर गाय के देखभाल का जिम्मेदारी सौंपी।
उत्तर :
करामत अली ने रमजानी को गाय की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी।
४. आचार्य अपनी शिष्यों को मिलना चाहते थे।
उत्तर :
आचार्य अपने शिष्यों से मिलना चाहते थे।
५. घर में तख्ते के रखे जाने का आवाज आता है।
उत्तर :
घर में तख्ते के रखे जाने की आवाज आती है।
६. लड़के के तरफ मुखातिब होकर रामस्वरूप ने कोई कहना चाहा।
उत्तर :
लड़के की ओर मुखातिब होकर रामस्वरूप कुछ कहना चाहते थे।
७. सिरचन को कोई लड़का-बाला नहीं थे।
उत्तर :
सिरचन का कोई लड़का-बाला नहीं था।
८. लक्ष्मी की एक झूब्बेदार पूँछ था।
उत्तर :
लक्ष्मी की एक झबरीली पूँछ थी।
९. कन्हैयालाल मिश्र जी बिड़ला के पुस्तक को पढ़ने लगे।
उत्तर :
कन्हैयालाल मिश्र जी बिड़ला की पुस्तक पढ़ने लगे।
१०. डॉ. महादेव साहा ने बाजार से नए पुस्तक को खरीदा।
उत्तर :
डॉ. महादेव साहा ने बाजार से नई पुस्तक खरीदी।
११. लेखक गोवा को गए उनकी साथ साढू साहब भी थे।
उत्तर :
लेखक गोवा गए, उनके साथ साढ़ू साहब भी थे।
१२. टिळक जी ने एक सज्जन के साथ की हुई व्यवहार बराबर थी।
उत्तर :
टिळक जी का एक सज्जन के साथ किया गया व्यवहार उचित था।
१३. रंगीन फूल की माला बहोत सुंदर लग रही थी।
उत्तर :
रंग-बिरंगे फूलों की माला बहुत सुंदर लग रही थी।
१४. बूढ़े लोग लड़के और कुछ स्त्रियाँ कुएँ पर पानी भर रहे थे।
उत्तर :
बूढ़े लोग, लड़के और कुछ स्त्रियाँ कुएँ से पानी भर रहे थे।
१५. लड़का, पिता जी और माँ बाजार को गई।
उत्तर :
लड़का, पिता जी और माँ बाजार गए।
१६. बरसों बाद पंडित जी को मित्र का दर्शन हुआ।
उत्तर :
बरसों बाद पंडित जी को अपने मित्र के दर्शन हुए।
१७. गोवा के बीच पर घूमने में बड़ी मजा आई।
उत्तर :
गोवा के बीच पर घूमने में बड़ा मज़ा आया।
१८. सामने शेर देखकर यात्री का प्राण मानो मुरझा गया।
उत्तर :
सामने शेर देखकर यात्री के प्राण मानो सूख गए।
१९. करामत अली के आँखों में आँसू उत्तर आई।
उत्तर :
करामत अली की आँखों में आँसू उतर आए।
२०. मैं मेरे देश को प्रेम करता हूँ।
उत्तर :
मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ।
उपयोजित लेखन
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए। उसे उचित शीर्षक दीजिए।
गाँव में लड़कियाँ – सभी पढ़ने में होशियार – गाँव में पानी का अभाव – लड़कियों का घर के कामों में सहायता करना – बहुत दूर से पानी लाना – पढ़ाई के लिए कम समय मिलना – लड़कियों का समस्या पर चर्चा करना – समस्या सुलझाने का उपाय खोजना – गाँववालों की सहायता से प्रयोग करना – सफलता पाना – शीर्षक।
उत्तर :
“पानी बचाओ, भविष्य बनाओ”
एक छोटे-से गाँव में कुछ होशियार और मेहनती लड़कियाँ रहती थीं। वे पढ़ाई में बहुत आगे थीं और अपने गाँव का नाम रोशन करना चाहती थीं। लेकिन गाँव में एक बड़ी समस्या थी – पानी की कमी।
हर दिन इन लड़कियों को सुबह-सुबह उठकर घर के कामों में मदद करनी पड़ती थी और फिर बहुत दूर के कुएँ से पानी लाना पड़ता था। इस कारण उन्हें पढ़ाई के लिए बहुत कम समय मिल पाता था।
एक दिन सभी लड़कियाँ आपस में बैठीं और इस समस्या पर चर्चा करने लगीं। उन्होंने निश्चय किया कि वे इस समस्या का समाधान स्वयं निकालेंगी। उन्होंने गाँव के बड़ों से बात की और सुझाव दिया कि गाँव में वर्षा का पानी संचित करने की योजना बनाई जाए।
गाँव के लोगों ने उनकी बात मानी और सबने मिलकर एक जलसंचय कुंड बनाया। कुछ ही महीनों में जब वर्षा हुई तो कुंड भर गया और अब गाँव में पानी की कमी नहीं रही।
लड़कियों को अब दूर से पानी लाने की आवश्यकता नहीं थी। उनके पास पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय था। उनकी मेहनत और समझदारी से पूरा गाँव खुश था।
सीख :
यदि हम एकजुट होकर सोचें और कार्य करें तो कोई भी समस्या असंभव नहीं रहती। छोटी-सी पहल से बड़ा परिवर्तन संभव है।