नहीं कुछ इससे बढ़कर स्वाध्याय

नहीं कुछ इससे बढ़कर स्वाध्याय

नहीं कुछ इससे बढ़कर स्वाध्याय इयत्ता आठवी हिंदी

कल्पना पल्लवन

‘मन:शांति के लिए चिंतन-मनन आवश्यक है’ इसपर अपने विचार लिखो।

उत्तर :

‘मन:शांति के लिए चिंतन-मनन आवश्यक है’ – यह कथन हमें बताता है कि जीवन में सच्ची शांति पाने के लिए हमें अपने विचारों और कर्मों पर गहराई से सोचने की आवश्यकता होती है। जब हम बिना सोचे-समझे कार्य करते हैं, तो मन में अशांति, चिंता और भ्रम पैदा होता है। लेकिन जब हम शांत मन से चिंतन और मनन करते हैं, तो हमें सही और गलत का ज्ञान होता है तथा जीवन में संतुलन बना रहता है।

चिंतन-मनन से व्यक्ति के अंदर आत्मज्ञान और समझ विकसित होती है। यह हमें दूसरों के प्रति दया, सहानुभूति और सहनशीलता सिखाता है। जब मन शांत रहता है, तभी हम सही निर्णय ले पाते हैं और सुखी जीवन जी सकते हैं।

इसलिए हमें प्रतिदिन कुछ समय अपने विचारों, कर्मों और व्यवहार पर चिंतन-मनन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि चिंतन-मनन ही मन:शांति का सच्चा मार्ग है।

सूचना के अनुसार कृतियाँ करो :-

१) संजाल पूर्ण करो :

उत्तर :

२) कृति करो :

उत्तर :

३) अंतिम चार पंक्तियों का अर्थ लिखो।

उत्तर :

कवि ने इन पंक्तियों के माध्यम से सज्जन व्यक्ति का महत्त्व बताया है। सज्जन व्यक्ति अपने इस जीवनरूपी मधुरस को चखते हैं। अर्थात जीवन के सुख-दुख का अनुभव प्राप्त करते हैं। वे अपने अनुभव व ज्ञान से जरूरतमंदों की सहायता कर उनके जीवन में खुशियाँ भर देते हैं। कवि कहता है कि सज्जन व्यक्तियों के इन कर्मों से अधिक पवित्र कोई अन्य प्रार्थना नहीं हो सकती है।

४) कविता में उल्लिखित मानव के विभिन्न रूप लेखों :

१. ————–

२. ————–

३. ————–

४. ————–

उत्तर :

१. कलाकार-कवि

२. माता

३. बलिदानी व्यक्ती

४. कृषक

भाषा बिंदु

निम्न शब्दों के लिंग तथा वाचन बदलकर वाक्यों में प्रयोग करो :

लिंग – कवि, माता, भाई, लेखक

वचन – दुकान, प्रार्थना, अनुभूति, कपड़ा, नेता

उत्तर :

लिंग बदलकर वाक्य में प्रयोग :

१) कवि – कवयित्री

वाक्य : महादेवी वर्मा हिंदी की एक प्रसिद्ध कवयित्री हैं।

२) माता – पिता

वाक्य : बच्चा पिता की गोद में सो रहा था।

३) भाई – बहन

वाक्य : बहन की रक्षा करना भाई का कर्तव्य होता है।

४) लेखक – लेखिका

वाक्य : मैं एक प्रसिद्ध लेखिका बनना चाहती हूँ।

वचन बदलकर वाक्य में प्रयोग :

१) दुकान – दुकानें

वाक्य : सारी दुकानें बंद हो गई थीं।

२) प्रार्थना – प्रार्थनाएँ

वाक्य : कृष्ण ने अर्जुन की सारी प्रार्थनाएँ ठुकरा दीं।

३) अनुभूति – अनुभूतियाँ

वाक्य : उत्तराखंड की सैर पर मुझे कोई प्रकार की अनुभूतियाँ हुई।

४) कपड़ा – कपड़े

वाक्य : मेरे सारे कपड़े गंदे हो गए हैं।

५) नेता – नेतागण

वाक्य : सभी नेतागण जा चुके थे।

उपयोजित लेखन

‘सड़क दुर्घटनाएँ : कारण एवं उपाय’ निबंध लिखो।

उत्तर :

सड़क दुर्घटनाएँ आज हमारे देश की एक बड़ी समस्या बन गई हैं। हर दिन सैकड़ों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं या घायल हो जाते हैं। यह न केवल व्यक्ति के लिए बल्कि समाज और देश के लिए भी हानिकारक है।

दुर्घटनाओं के कारण :
सड़क दुर्घटनाओं के कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है लापरवाही से वाहन चलाना। बहुत से लोग तेज गति से गाड़ी चलाते हैं, यातायात के नियमों का पालन नहीं करते, मोबाइल फोन का उपयोग करते हैं या नशे की हालत में वाहन चलाते हैं। सड़कों की खराब स्थिति, सड़क पर जानवरों का घूमना और अंधेरे में पर्याप्त रोशनी न होना भी दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं।

दुर्घटनाओं के उपाय :
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हमें कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए। सबसे पहले, हर नागरिक को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और हेल्मेट का उपयोग करना चाहिए। सड़क पार करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। सरकार को भी सड़कों की गुणवत्ता सुधारनी चाहिए, सड़क पर संकेतक बोर्ड और ट्रैफिक लाइट्स ठीक से लगवानी चाहिए। बच्चों को छोटी उम्र से ही सड़क सुरक्षा के नियम सिखाए जाने चाहिए।

निष्कर्ष :
सड़क सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। थोड़ी-सी सावधानी और नियमों का पालन करके हम कई लोगों की जान बचा सकते हैं। इसलिए हमें हमेशा याद रखना चाहिए – “सुरक्षा ही जीवन है।”

Leave a Comment