महिला आश्रम स्वाध्याय
महिला आश्रम स्वाध्याय इयत्ता दहावी हिंदी

श्रवणीय
मानवतावाद पर विचार सुनिए।
उत्तर :
मानवतावाद एक ऐसी जीवन-दृष्टि है जो मनुष्य को सबसे ऊपर मानती है। इसका अर्थ है – मनुष्य के प्रति प्रेम, सहानुभूति, करुणा और समानता की भावना रखना। मानवतावाद हमें सिखाता है कि किसी भी धर्म, जाति, भाषा या देश के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी मनुष्यों के साथ भलाई करनी चाहिए।
मानवतावाद के अनुसार, सबसे बड़ा धर्म “मानव सेवा” है। जब हम दूसरों के दुख को अपना मानकर मदद करते हैं, तो समाज में शांति और सद्भाव फैलता है। महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, मदर टेरेसा जैसे महान व्यक्तियों ने अपने जीवन में मानवतावाद का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
आज के समय में मानवतावाद का महत्व और भी बढ़ गया है। हमें हर व्यक्ति के साथ सम्मान और समानता का व्यवहार करना चाहिए। यदि हर व्यक्ति इस विचार को अपनाए, तो संसार में नफरत और हिंसा की जगह प्रेम और सहयोग का वातावरण बनेगा।
पठनीय
अंतरिक्ष विज्ञान में ख्याति प्राप्त दो महिलाओं की जानकारी पढिए।
उत्तर :
१. कल्पना चावला :
कल्पना चावला भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री थीं। उनका जन्म १७ मार्च १९६२ को हरियाणा राज्य के करनाल में हुआ था। उन्होंने एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई भारत में की और आगे की शिक्षा अमेरिका में प्राप्त की।
उन्होंने १९९७ में “कोलंबिया स्पेस शटल” से अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा की। इसके बाद २००३ में दूसरी बार अंतरिक्ष में गईं, पर दुर्भाग्यवश वापसी के समय शटल दुर्घटनाग्रस्त हो गया और कल्पना चावला सहित सभी यात्री मारे गए।
उनका जीवन भारत की सभी युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
२. सुनीता विलियम्स :
सुनीता विलियम्स का जन्म १९६५ में अमेरिका में हुआ, पर उनके पिता भारतीय मूल के थे। वे अमेरिकी अंतरिक्ष संस्था नासा (NASA) की प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री हैं।
उन्होंने २००६ में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में जाकर लंबे समय तक कार्य किया।
सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में सबसे अधिक समय बिताने वाली महिला होने का रिकॉर्ड भी बनाया है।
वे अपनी मेहनत, साहस और लगन से यह सिद्ध करती हैं कि महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
संभाषणीय
‘अनुशासन स्वयं विकास का प्रथम चरण है’, कथन पर चर्चा कीजिए।
उत्तर :
विषय : ‘अनुशासन स्वयं विकास का प्रथम चरण है’ पर चर्चा
रीना : अनुशासन हमारे जीवन का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। बिना अनुशासन के कोई भी व्यक्ति आगे नहीं बढ़ सकता।
राहुल : हाँ, बिल्कुल सही कहा तुमने। अनुशासन हमें समय का पालन करना, अपने काम को जिम्मेदारी से करना और दूसरों का आदर करना सिखाता है।
रीना : सही बात है। जो विद्यार्थी नियमित रूप से पढ़ाई करते हैं, समय पर स्कूल जाते हैं और अपने शिक्षकों की बात मानते हैं, वे हमेशा सफलता प्राप्त करते हैं।
राहुल : हाँ, अनुशासन से व्यक्ति का स्वयं विकास होता है – उसकी सोच, व्यवहार और कार्यों में सुधार आता है।
रीना : हम देख सकते हैं कि अनुशासन ही महान लोगों की सफलता का रहस्य रहा है।
राहुल : बिल्कुल! इसलिए कहा गया है कि – “अनुशासन स्वयं विकास का प्रथम चरण है।”
लेखनीय
किसी सामाजिक संस्था की जानकारी लिखिए।
उत्तर :
संस्था का नाम : हेल्पएज इंडिया
स्थापना वर्ष : 1978
मुख्य उद्देश्य :
हेल्पएज इंडिया एक प्रसिद्ध सामाजिक संस्था है जो वृद्ध नागरिकों के हित के लिए कार्य करती है। इसका उद्देश्य समाज में बुज़ुर्गों को सम्मानजनक जीवन देना, उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्य और गतिविधियाँ :
- यह संस्था वृद्धाश्रमों की स्थापना करती है।
- अकेले और असहाय बुज़ुर्गों को भोजन, दवा और रहने की सुविधा उपलब्ध कराती है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा शिविरों का आयोजन करती है।
- समाज में बुज़ुर्गों के प्रति संवेदना और सम्मान की भावना जागृत करने के लिए अभियान चलाती है।
मुख्य उपलब्धियाँ :
इस संस्था ने हज़ारों वृद्ध लोगों को सहायता प्रदान की है और उनके जीवन में खुशियाँ लौटाई हैं।
निष्कर्ष :
हेल्पएज इंडिया जैसी सामाजिक संस्थाएँ समाज की रीढ़ हैं। वे मानवता की सच्ची सेवा करती हैं और दूसरों के जीवन में आशा का प्रकाश फैलाती हैं।
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
१) संजाल पूर्ण कीजिए :

उत्तर :

२) कारण लिखिए :
१. काका जी ने कंपास बॉक्स मँगाकर रखा –
उत्तर :
तारों के नक्शे बनाने के लिए काका जी ने कंपास बॉक्स मँगाकर रखा।
२. लेखक ने फूल के गमले अपने पास से निकाल दिए –
उत्तर :
लेखक के पास वाले गमलों में लगे फूल के पौधे सूख गए थे। इसलिए लेखक ने फूल के गमले अपने पास से निकाल दिए।
३) लिखिए :
१. जिन्हें ‘ता’ प्रत्यय लगा हो ऐसे शब्द पाठ से ढूँढकर उन प्रत्ययसाधित शब्दों की सूची बनाइए।

उत्तर :

२. पाठ में प्रयुक्त पर्यायवाची शब्द लिखकर उनका स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर :
१) घर = मकान
घर
वाक्य : राहूल का घर राजू के घर के सामने है।
मकान
वाक्य : स्कूल के सामने छोटे-छोटे मकान है।
२) पवित्र = निर्मल
पवित्र
वाक्य : काशी एक पवित्र स्थान है।
निर्मल
वाक्य : ज्योती का चरित्र जल की तरह निर्मल है।
४) प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए :

उत्तर :

अभिव्यक्ति
‘पत्र लिखने का सिलसिला सदैव जारी रहना चाहिए’ इस संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
पत्र लिखना हमारे जीवन का एक भावनात्मक और सजीव माध्यम है। पत्र के माध्यम से हम अपने मन की बातें, अनुभव, स्नेह और संवेदनाएँ सहज रूप में व्यक्त कर सकते हैं। पहले लोग एक-दूसरे से जुड़ने के लिए पत्रों का सहारा लेते थे। पत्र मिलने पर जो आनंद और आत्मीयता का अनुभव होता है, वह किसी भी आधुनिक संदेश साधन से नहीं मिल सकता।
आज भले ही मोबाइल और इंटरनेट के युग में लोग तुरंत संदेश भेज सकते हैं, परंतु पत्र में जो अपनापन, धैर्य और आत्मीय संवाद का भाव होता है, वह अनमोल है। पत्र लिखने से भाषा में निपुणता आती है, विचार अभिव्यक्ति की क्षमता बढ़ती है और संबंधों में मधुरता बनी रहती है।
इसलिए, पत्र लिखने की परंपरा कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए, बल्कि नई पीढ़ी को भी इस सुंदर माध्यम को अपनाना चाहिए।
उपयोजित लेखन
‘संदेश वहन के आधुनिक साधनों से लाभ-हानि’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों तक निबंध लिखिए।
उत्तर :
आज का युग सूचना और संचार का युग है। पहले जहाँ पत्र या दूत के माध्यम से संदेश पहुँचाने में कई दिन लग जाते थे, वहीं अब मोबाइल, इंटरनेट, ई-मेल, व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि के माध्यम से संदेश पल भर में दुनिया के किसी भी कोने में पहुँचाया जा सकता है। इससे शिक्षा, व्यापार, चिकित्सा, बैंकिंग, सरकारी कार्य और सामाजिक संबंधों में तेजी आई है। विद्यार्थी ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और लोग घर बैठे सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।
परंतु इन साधनों की कुछ हानियाँ भी हैं। गलत सूचनाएँ फैलने लगी हैं, साइबर अपराध बढ़ रहे हैं और लोग वास्तविक जीवन से दूर होकर आभासी दुनिया में खोते जा रहे हैं। अधिक प्रयोग से समय और स्वास्थ्य दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
भाषा बिंदु
निम्न शब्दों से बने दो मुहावरों के अर्थ लिखकर उनका स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग कीजिए :

उत्तर :

उपयोजित लेखन
अपने मित्र/सहेली को जिला विज्ञान प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त होने के उपलक्ष्य में बधाई देते हुए निम्न प्रारूप में पत्र लिखिए।

उत्तर :
