छापा स्वाध्याय
छापा स्वाध्याय इयत्ता दहावी हिंदी

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
१. कृति पूर्ण कीजिए :

उत्तर :


उत्तर :

३. अंतिम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
उत्तर :
प्रस्तुत कविता की अंतिम चार पंक्तियों में कवि छापा मारनेवालों को सुझाव देते हुए कहते है कि आप जो करते हैं वह उचित है, परंतु जिनके घर में बैठने के लिए कुछ नहीं मिलता उनके घर में आपको एक तख्त की व्यवस्था जरूर करनी चाहिए। यहाँ पर कवि ने छापा मारनेवालों की कार्यप्रणाली पर व्यंग्य किया है। उन्होंने आयकर विभाग द्वारा अनधिकृत धन को जब्त करने की प्रशंसा करने के साथ ही विभाग को गरीब परिवारों की मदद करने का सुझाव भी अप्रत्यक्ष रूप से दिया है।
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :-
१) संजाल पूर्ण कीजिए :

उत्तर :

२) कृति पूर्ण कीजिए :

उत्तर :


उत्तर :

३) कविता के आधार पर जोड़ियाँ मिलाइए :
| अ | आ |
|---|---|
| अर्थ | बालों में |
| सुवर्ण | चेहरे पर |
| चाँदी | नई कविता में |
| मुद्रा | काव्य कृतियों में |
उत्तर :
| अ | आ |
|---|---|
| अर्थ | नई कविता में |
| सुवर्ण | काव्य कृतियों में |
| चाँदी | बालों में |
| मुद्रा | चेहरे पर |
४) प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए :

उत्तर :

५) ऐसे प्रश्न बनाइए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों :
१. अरण्यकांड २. तख्त ३. असफलता ४. अनधिकृत
उत्तर :
१. अरण्यकांड – कवि के घर में क्या देखकर छापा मारने वालों का खिला चेहरा मुरझा गया ?
२. तख्त – कवि छापा मारने वालों से अपने घर में क्या डलवाने के लिए कहते हैं ?
३. असफलता – कवि के घर छापा मारने पर छापा मारने वालों को क्या मिली ?
४. अनधिकृत – छापा मारने वालों को लेखक से किस प्रकार का अर्थ चाहिए था ?
६) सोना, चाँदी, अर्थ और मुद्रा इन शब्दों के विभिन्न अर्थ बताते हुए कविता के आधार पर इनके अर्थ लिखिए।
उत्तर :
| सामान्य अर्थ | कविता के आधार पर अर्थ | |
|---|---|---|
| १) सोना | पीले रंग की एक बहुमूल्य धातु, जो आभूषण बनाने के काम आती है। | सोना यानी नींद में होना। |
| २) चाँदी | सफेद रंग की एक नर्म चमकीली धातु, जो गहने, सिक्के आदि बनाने के काम आती है। | सिर के बालों का चाँदी के रंग का हो जाना। |
| ३) अर्थ | संपत्ति, रुपया-पैसा। | मतलब, धन। |
| ४) मुद्रा | सिक्का, रुपया-पैसा। | हाथ, मुख, गर्दन आदि की कोई विशेष भावसूचक स्थिति मुख-चेष्टा। |
७) ‘कर जमा करना, देश के विकास को गति देना है’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
कर (Tax) हमारे देश की आर्थिक प्रगति का आधार है। जब नागरिक समय पर कर जमा करते हैं, तो सरकार को विकास कार्यों के लिए धन प्राप्त होता है। यही धन सड़कों, पुलों, विद्यालयों, अस्पतालों, रेलमार्गों और सुरक्षा जैसे कार्यों में उपयोग किया जाता है।
कर न देने का अर्थ है देश की प्रगति में रुकावट डालना। एक सच्चा नागरिक वह है जो अपनी जिम्मेदारी समझकर नियमित रूप से कर अदा करता है। जैसे हम अपने घर की देखभाल करते हैं, वैसे ही देश की उन्नति के लिए कर देना हमारा कर्तव्य है।
जो देश के लोग ईमानदारी से कर चुकाते हैं, वही देश तेज़ी से आगे बढ़ते हैं। इसलिए हमें गर्व से कहना चाहिए – “मैं कर चुकाता हूँ, क्योंकि मैं अपने देश के विकास में भागीदार हूँ।”
उपयोजित लेखन
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उत्तर :
