टीटू और चिंकी स्वाध्याय
टीटू और चिंकी स्वाध्याय इयत्ता सहावी हिंदी

मैं कौन ?
चित्रों के आधार पर वाक्य बनाओ :

उत्तर :
१) १. पक्षी आकाश में उड़ रहे हैं। (सरल वाक्य)
२. आकाश में बादल घिरे हैं और मौसम सुहावना है। (संयुक्त वाक्य)
३. पक्षियों ने देखा कि बारिश हो सकती है। (मिश्र वाक्य)
२) १. बगीचे में हरियाली है। (सरल वाक्य)
२. फूल खिले हुए हैं और तितलियाँ उन पर मँडरा रही हैं। (संयुक्त वाक्य)
३. तितलियाँ आती हैं तो बगीचे की सुंदरता बढ़ जाती है। (मिश्र वाक्य)
३) १. बच्चे खेल रहे हैं। (सरल वाक्य)
२. शाम का समय था और बच्चे खेल रहे थे। (संयुक्त वाक्य)
३. बच्चों ने देखा कि सूर्य अस्त हो रहा है। (मिश्र वाक्य)
खोजबीन
विलुप्त होते हुए प्राणियों तथा पक्षियों की जानकारी प्राप्त करके सूची बनाओ।
उत्तर :
विलुप्त होते हुए प्राणियों तथा पक्षियों की सूची
१. प्राणी (Animals)
- बाघ
- हाथी
- गैंडा
- हिम तेंदुआ (Snow Leopard)
- लाल पांडा (Red Panda)
- कश्मीरी हिरण (हंगल)
- एशियाई शेर
- कछुआ (समुद्री कछुआ)
- काला हिरण
- डॉल्फिन (गंगा की डॉल्फिन)
२. पक्षी (Birds)
- गिद्ध (Vulture)
- मोरपंखी हॉर्नबिल
- साइबेरियन क्रेन
- मालाबार पाइड हॉर्नबिल
- फॉरेस्ट आउल (वन-उल्लू)
- तितर (Partridge)
- सरस क्रेन
- काला सारस
- हूटर उल्लू
- ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (भारतीय महिराज पक्षी)—अत्यंत संकटग्रस्त
विचार मंथन
।। जीवदया ही भूतदया है।।
उत्तर :
सभी जीव मनुष्य, पशु, पक्षी, कीड़े और छोटे–छोटे प्राणी – प्रकृति के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। हर जीव का जीवन मूल्यवान होता है।
जब हम किसी भी जीव पर दया करते हैं, उसकी रक्षा करते हैं, उसकी पीड़ा को समझते हैं, तो यह केवल उस जीव की सहायता नहीं होती, बल्कि पूरे संसार का उपकार होता है।
जीवों पर दया का अर्थ है उन्हें तकलीफ़ न देना, उन्हें भोजन-पानी देना, घायल जीवों की मदद करना और प्रकृति का संतुलन बनाए रखना।
इसीलिए कहा जाता है कि जीवदया करना ही भूतदया करना है, क्योंकि जीवों की रक्षा से धरती पर जीवन का संतुलन और शांति बनी रहती है।
भाषा की ओर
विरामचिह्न रहित अनुच्छेद में विरामचिह्न लगाओ।
(,,!,।, ?, – ,-, ‘ ‘, ” “)
काबुलीवाले ने पूछा बिटिया अब कौन सी चूड़ियाँ चाहिए मैंने अपनी गुड़िया दिखाकर कहा मेरी गुड़िया के लिए अच्छी सी चूड़ियाँ दे दो जैसे लाल नीली पीली
(यह अनुच्छेद कबूलिवाला कहानी से है।)
उत्तर :
काबुलीवाले ने पूछा, “बिटिया, अब कौन सी चूडियाँ चाहिए?” मैंने अपनी गुड़िया दिखाकर कहा, “मेरी गुड़िया के लिए अच्छी-सी चूडियाँ दे दो, जैसे – लाल, नीली, पीली।”
सुनो तो जरा
विभिन्न पशु-पक्षियों की बोलियों की नकल सुनाओ।
उत्तर:
विभिन्न पशु-पक्षियों की बोलियों की नकल
- गाय – “हम्म… हम्म…”
- कुत्ता – “भौं-भौं…”
- बिल्ली – “म्याऊँ-म्याऊँ…”
- बकरी – “में-में…”
- शेर – “गर्ज… गर्ज…”
- कौआ – “काँव-काँव…”
- मुर्गा – “कु-कु-डू-कूँ…”
- चिड़िया – “चूँ-चूँ…”
- बतख – “क्वैक-क्वैक…”
- घोड़ा – “ही-ही-ही…”
बताओ तो सही
अपने साथ घटित कोई मजेदार घटना बताओ।
उत्तर :
एक बार स्कूल में हमारा खेल का पीरियड था। मैं और मेरे दोस्त दौड़ की तैयारी कर रहे थे। जैसे ही सर ने सीटी बजाई, हम तेजी से दौड़ने लगे। मैं बहुत तेज दौड़ रहा था, लेकिन अचानक मेरा जूता रास्ते में निकल गया और मैं बिना जूते के ही दौड़ता रहा!
सभी बच्चे मुझे देखकर जोर-जोर से हँसने लगे। मैं भी हँसते-हँसते दौड़ता रहा और मजेदार बात यह हुई कि मैं बिना जूते के ही दौड़ में पहला आया!
अंत में सर ने कहा-“जूता हो या न हो, जीतने की इच्छा होनी चाहिए।”
यह घटना आज भी मुझे याद आती है तो मैं हँस पड़ता हूँ।
वाचन जगत से
उपन्यास सम्राट प्रेमचंद की कोई एक कहानी पढ़ो। उसका विषय बताओ।
उत्तर :
कहानी : ईदगाह (प्रेमचंद)
विषय (मुख्य संदेश)
प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी “ईदगाह” का मुख्य विषय ममता, त्याग और निस्वार्थ प्रेम है।
कहानी में छोटा हामिद मेले में अपने लिए खिलौने या मिठाई न खरीदकर अपनी दादी के लिए चिमटा खरीदता है, ताकि रोटी बनाते समय उनके हाथ न जलें।
यह कहानी सिखाती है कि
- सच्चा प्रेम निस्वार्थ होता है,
- छोटा-सा बच्चा भी बड़े-बड़े त्याग कर सकता है,
- दूसरों की खुशी में ही अपनी खुशी होती है।
कहानी भावनाओं से भरपूर है और परिवार के प्रति प्रेम का सुंदर संदेश देती है।
मेरी कलम से
‘बाघ बचाओ परियोजना’ के बारे में जानकारी प्राप्त कर लिखो।
उत्तर :
बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है, लेकिन शिकार, जंगलों की कटाई और पर्यावरण के बदलाव के कारण उसकी संख्या तेजी से कम होने लगी। बाघों की रक्षा करने के लिए भारत सरकार ने १ एप्रिल १९७३ को ‘बाघ बचाओ परियोजना’ शुरू की।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बाघों की संख्या बढ़ाना, उनके लिए सुरक्षित जंगल तैयार करना और अवैध शिकार पर रोक लगाना है। इसके लिए देशभर में अनेक बाघ अभयारण्य (Tiger Reserves) बनाए गए, जहाँ बाघ प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रहते हैं।
इस परियोजना के कारण बाघों की संख्या में सुधार हुआ है।
यह हमें सिखाती है कि हमें अपने वन्य जीवों और पर्यावरण की रक्षा करना बहुत आवश्यक है, ताकि प्रकृति का संतुलन बना रहे।
सदैव ध्यान में रखो
प्राणियों का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है।
उत्तर :
प्राणी प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे जंगलों, पर्यावरण और जीवन के संतुलन को बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। यदि हम उनकी रक्षा नहीं करेंगे, तो कई प्रजातियाँ हमेशा के लिए विलुप्त हो जाएँगी और प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाएगा।
इसलिए मनुष्य का कर्तव्य है कि वह प्राणियों को नुकसान न पहुँचाए, उनका शिकार न करे और उनके रहने के स्थानों—जंगलों—की रक्षा करे। घायल या भूखे प्राणियों की मदद करनी चाहिए और पर्यावरण को स्वच्छ रखना चाहिए।
जब हम प्राणियों का संरक्षण करते हैं, तब हम प्रकृति, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा करते हैं।
इसी कारण कहा जाता है कि प्राणियों का संरक्षण करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
जरा सोचो……. चर्चा करो
यदि प्राणी नहीं होते तो…….
उत्तर :
यदि प्राणी नहीं होते तो प्रकृति का संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाता।
जंगल, खेत, नदियाँ और वातावरण वैसा नहीं रहता जैसा आज है। कई पौधों का परागण रुक जाता, जिससे फसलें कम होतीं और मानव को भोजन की कमी का सामना करना पड़ता।
पशु-पक्षी न होने पर पर्यावरण प्रदूषित हो जाता, क्योंकि कई प्राणी कचरा और कीड़ों को नियंत्रित करते हैं। मनुष्य अकेला रह जाता और जीवन नीरस तथा असुरक्षित हो जाता।
इसलिए प्राणियों का अस्तित्व पृथ्वी के लिए अत्यंत आवश्यक है।
वे प्रकृति को सुंदर, संतुलित और जीवंत बनाए रखते हैं।
कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखो।
उत्तर :
पेड़ के खोंखल मे टीटू गिलहरी अपने बच्चों के साथ रहती थी। उसी पेड़ पर घोंसले मे चिंकी चिड़ियाँ भी अपने बच्चों के साथ रहती थी। टीटू गिलहरी और चिंकी चिड़ियाँ का आपस में मेलजोल था। परंतु उनके बच्चे आपस में झगड़ते थे। दोनों के बच्चे पेड़ पर अपना-अपना अधिकार जता रहे थे। दोनों के ही बच्चे चाहते थे की, दूसरा परिवार वहाँ से चला जाए। इन परिवारों के झगड़े का लाभ पेड़ के नीचे रहनेवाला साँप उठाना चाहता था। साँप टीटू के बच्चों पर हमला कर देता है। पर उस समय चिंकी चिड़ियाँ की समझदारी से बच्चों की जान बच जाती है। इस संकट के दौरान टीटू गिलहरी और चिंकी चिड़ियाँ के बच्चों को एकता की शक्ति का अहसास हो जाता है। एक और एक ग्यारह होते है, यह बात वे समझ जाते है। उसके बाद उनका झगड़ा खत्म हो जाता है।
स्वयं अध्ययन
‘दूरदर्शन चैनल’ पर दिखाए जाने वाले किसी अनोखे जीव की जानकारी प्राप्त करो।
उत्तर :
अनोखे जीव – “कोमोडो ड्रैगन”
मैंने दूरदर्शन चैनल पर कोमोडो ड्रैगन नाम के एक अनोखे जीव के बारे में जानकारी देखी। यह दुनिया की सबसे बड़ी छिपकली है। इसकी लंबाई लगभग ३ मीटर तक और वजन ७०–८० किलो तक हो सकता है।
यह इंडोनेशिया के कुछ द्वीपों पर पाया जाता है। कोमोडो ड्रैगन बहुत तेज दौड़ सकता है और अपनी लंबी जीभ से आसपास की गंध पहचानता है। इसकी लार में विशेष प्रकार का ज़हर होता है, जिससे शिकार जल्दी बेहोश हो जाता है।
यह जीव अपनी शक्ति, तेज़ी और अनोखे शरीर के कारण दुनिया के सबसे विचित्र और दुर्लभ जीवों में गिना जाता है।
दूरदर्शन पर इसे देखकर मुझे बहुत नई और रोचक जानकारी मिली।
अध्ययन कौशल
चित्रों को पहचानकर जलचर, थलचर और उभयचर प्राणियों में वर्गीकरण करो।

उत्तर :
