हम चलते सीना तान के स्वाध्याय
हम चलते सीना तान के स्वाध्याय इयत्ता सातवी हिंदी

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उत्तर :
भारत के राज्यों की प्रमुख भाषाएँ
| राज्य | प्रमुख भाषा |
|---|---|
| महाराष्ट्र | मराठी |
| गुजरात | गुजराती |
| राजस्थान | राजस्थानी / हिंदी |
| मध्यप्रदेश | हिंदी |
| उत्तरप्रदेश | हिंदी |
| बिहार | हिंदी / भोजपुरी |
| झारखंड | हिंदी / नागपुरी |
| पश्चिम बंगाल | बांग्ला |
| असम | असमिया |
| अरुणाचल प्रदेश | अंग्रेज़ी / निसी |
| नागालैंड | अंग्रेज़ी / नागामीस |
| मणिपुर | मणिपुरी |
| मिजोरम | मिजो |
| त्रिपुरा | बांग्ला / कोकबोरोक |
| मेघालय | खासी / गारो |
| पंजाब | पंजाबी |
| हरियाणा | हिंदी |
| हिमाचल प्रदेश | हिंदी |
| उत्तराखंड | हिंदी |
| जम्मू–कश्मीर | कश्मीरी / उर्दू |
| लद्दाख | लद्दाखी |
| तमिलनाडु | तमिल |
| केरल | मलयालम |
| आंध्रप्रदेश | तेन्दुगू (तेलुगु) |
| तेलंगाना | तेलुगु |
| कर्नाटक | कन्नड़ |
| ओडिशा | ओडिया |
| गोवा | कोंकणी |
| सिक्किम | नेपाली |
| छत्तीसगढ़ | छत्तीसगढ़ी |
सुनो तो जरा
किसी शहीद और उसके परिवार के बारे में सुनो : मुद्दे – जन्म तिथि, गाँव, शिक्षा, घटना।
उत्तर :
शहीद भगत सिंह के बारे में
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायलपुर जिले के बंगा गाँव में हुआ था। उनका परिवार देशभक्ति और वीरता के लिए जाना जाता था। भगत सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गाँव में पूरी की और बाद में लाहौर के नेशनल कॉलेज में अध्ययन किया। बचपन से ही वे अंग्रेजों द्वारा भारतीयों पर किए जाने वाले अत्याचारों को देखकर बहुत दुखी रहते थे।
एक दिन जलियावाला बाग हत्याकांड ने उनके मन पर गहरा प्रभाव डाला और उन्होंने देश की आज़ादी के लिए जीवन समर्पित करने का निश्चय किया। बाद में लाहौर बम कांड के मुकदमें में उन्हें दोषी ठहराया गया और 23 मार्च 1931 को भगत सिंह को फाँसी दे दी गई। उनके परिवार ने अत्यंत दुःख सहते हुए भी गर्व से उनके बलिदान को स्वीकार किया।
मेरी कलम से
शालेय प्रतिज्ञा का श्रुतलेखन करो और प्रतिज्ञा के मूल्यों का अपने व्यवहारों से सत्यापन करो।
उत्तर :
शालेय प्रतिज्ञा
भारत मेरा देश है।
सब भारतीय मेरे भाई-बहन हैं।
मैं अपने देश से प्रेम करता/करती हूँ।
मेरे देश की समृद्धि और विविधता पर मुझे गर्व है।
मैं हमेशा अपने माता-पिता, गुरुजनों तथा सभी वयोवृद्धों का सम्मान करूँगा/करूँगी।
मैं सभी के प्रति विनम्र रहूँगा/रहूँगी और किसी से भेद-भाव नहीं करूँगा/करूँगी।
मैं अपने देश और विद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ाने का हर संभव प्रयास करूँगा/करूँगी।
प्रतिज्ञा के मूल्यों का अपने व्यवहार में सत्यापन
शालेय प्रतिज्ञा हमें कई महत्वपूर्ण मूल्य सिखाती है। इन मूल्यों को हम अपने दैनिक जीवन और व्यवहार में अपनाकर सत्यापित कर सकते हैं। जैसे –
- देशप्रेम – मैं अपने देश के प्रति सम्मान रखता/रखती हूँ, राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों का आदर करता/करती हूँ।
- समानता और भाईचारा – मैं सभी सहपाठियों को अपने भाई-बहन जैसा मानता/मानती हूँ और कभी भेद-भाव नहीं करता/करती।
- अनुशासन – विद्यालय में समय पर आता/आती हूँ, नियमों का पालन करता/करती हूँ और सभी गतिविधियों में ईमानदारी से भाग लेता/लेती हूँ।
- सम्मान – मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़े लोगों का आदर करता/करती हूँ तथा उनसे सीखने का प्रयास करता/करती हूँ।
- विनम्रता – मैं सभी से प्रेम, सौहार्द और नम्रता से बात करता/करती हूँ।
- कर्तव्यपरायणता – मैं अपने गृहकार्य समय पर पूरा करता/करती हूँ और विद्यालय तथा घर साफ-सुथरा रखने में मदद करता/करती हूँ।
- सदाचरण – मैं झूठ-फरेब से दूर रहता/रहती हूँ और हमेशा सही कार्य करने का प्रयास करता/करती हूँ।
विचार मंथन
।। हम सब एक हैं।।
उत्तर :
“हम सब एक हैं” यह वाक्य हमें एकता, समानता और भाईचारे का महत्वपूर्ण संदेश देता है। हम सभी अलग-अलग परिवारों, भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों से आते हैं, फिर भी इंसानियत हमें एक सूत्र में बाँधती है। जब हम मिल-जुलकर रहते हैं, एक-दूसरे की मदद करते हैं, और भेद-भाव को दूर रखते हैं, तभी समाज मजबूत बनता है। देश की प्रगति भी तभी संभव है जब सभी लोग मिलकर काम करें और एक-दूसरे को समझें। एकता से बड़ी से बड़ी कठिनाई को भी आसानी से दूर किया जा सकता है। इसलिए हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि हम सब भारतीय हैं, हम सब इंसान हैं, और एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
अध्ययन कौशल
अब तक पढे हूर मुहावरों-कहावतों का वर्णक्रमानुसार संग्रह बनाओ और चर्चा करो।
उत्तर :
मुहावरे (वर्णक्रमानुसार)
१. अ – अधजल गगरी छलकत जाए
अर्थ: आधा ज्ञान रखने वाले लोग अधिक दिखावा करते हैं।
२. क – कान पकड़ना
अर्थ: गलती मानकर दोबारा न करने का वचन देना।
३. ग – गले पड़ना
अर्थ: बिना चाहे किसी परेशानी में फँस जाना।
४. म – मुँह की खाना
अर्थ: हार या अपमान का सामना करना।
५. स – सिर पर चढ़ना
अर्थ: ज़्यादा हावी हो जाना।
कहावतें (वर्णक्रमानुसार)
१. अ – अंधेरे में तीर चलाना
अर्थ: बिना सोचे-समझे काम करना।
२. क – कर्म ही पूजा है
अर्थ: मेहनत और प्रयास ही सबसे बड़ी पूजा है।
३. ग – घर का भेदी लंका ढाए
अर्थ: अपना ही व्यक्ति नुकसान करा देता है।
४. म – मिलकर रहो तो पर्वत भी टूटता है
अर्थ: एकता में बहुत शक्ति होती है।
५. स – साँप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे
अर्थ: ऐसा उपाय ढूँढना जिसमें नुकसान कम से कम हो।
जरा सोचो ……….. लिखो
यदि तुम सैनिक होते तो ………..
उत्तर :
यदि मैं सैनिक होता, तो मुझे अपने देश की सुरक्षा का गौरवपूर्ण उत्तरदायित्व निभाने का अवसर मिलता। मैं सीमा पर तैनात होकर देशवासियों की सुरक्षा के लिए सदैव सतर्क रहता। कठिन मौसम, ऊँचे पहाड़ और विपरीत परिस्थितियाँ भी मेरे हौसले को नहीं तोड़ पातीं। राष्ट्र की रक्षा के लिए मैं अनुशासन, साहस और त्याग को अपना कर्तव्य मानता। देश पर आने वाली हर चुनौती का सामना मैं पूरी शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति से करता। मुझे गर्व होता कि मैं अपने देश की स्वतंत्रता, संस्कृतिक मूल्यों और जनता की शांति के लिए अपना जीवन समर्पित कर रहा हूँ।
सदैव ध्यान में रखो
मानव सेवा ही सच्ची सेवा है।
उत्तर :
मानव सेवा का अर्थ है-निःस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सहायता करना। जब हम बिना किसी लालच, भेदभाव या अपेक्षा के दूसरों की मदद करते हैं, तभी सेवा का असली अर्थ पूरा होता है। किसी दुखी को सांत्वना देना, किसी गरीब की सहायता करना, बुजुर्गों का सम्मान करना, बीमार की देखभाल करना-ये सभी मानव सेवा के रूप हैं।
मानव सेवा न केवल समाज को मजबूत बनाती है, बल्कि हमारे भीतर दया, करुणा और संवेदनशीलता जैसे मानवीय गुणों को विकसित करती है। वास्तव में, धन या पद से नहीं, बल्कि दूसरों के लिए किए गए छोटे-छोटे अच्छे कार्यों से जीवन अर्थपूर्ण बनता है। इसलिए कहा गया है-मानव सेवा ही सबसे बड़ी और सच्ची सेवा है।
१. निम्न पंक्तियों का अर्थ लिखो :
क) हिंदुस्तान ————– तान के।
उत्तर :
हिंदुस्तान की इसी मिट्टी में हमारा बचपन बीता और हम बड़े हुए है। इस धरती ने बिना किसी भेदभाव के सभी पर अपना मातृत्व लुटाया है। ऐसी भारतमाता को ममता का कर्ज चुकाने के लिए हम सदैव तत्पर है। हमें भारतमाता का बेटा कहलाने में गर्व महसूस होता है।
ख) जो वीरत्व ————— तान के।
उत्तर :
हम सैनिक जिस वीरता व विवेक का परिचय युद्धभूमि में देंगे उसकी चर्चा भविष्य में हर गाँव, नगर और घर में होगी हम सीना तानकर भारतमाता की सेवा में आजीवन तत्पर रहेंगे और हमारे शहीद हो जाने के बाद लोग हमारी शहादत के गीत गुनगुनाएँगे।
२. पसंदीदा विषय पर चार पंक्तियों की कविता लिखो।
उत्तर :
प्रकृति
हरी-हरी धरती मुस्काए, जब सूरज किरणें बरसाए,
नदी गुनगुनाती बहती जाए, मन को शांति संग ले जाए।
फूलों की खुशबू, पंखुड़ियों की चाह,
प्रकृति देती हम सबको-सुकून और करुणा की राह।
३. इस कविता का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में स्पष्ट करो।
उत्तर :
इस कविता के माध्यम से अनेकता में एकता का भाव स्पष्ट होता है। हमारा देश बहुत विशाल है यहाँ पर अनेक जाति, धर्म, संप्रदाय के लोग रहते हैं, इनकी बोली-भाषा, रहन-सहन सब कुछ एक-दूसरे से भिन्न है, लेकिन हिंदुस्तानी होने के भाव ने सभी को एक सूत्र में बांधे रखा है।
४. अपने देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के नाम बताओ।
उत्तर :
भारत के राष्ट्रीय प्रतीक
- राष्ट्रीय ध्वज – तिरंगा
- राष्ट्रीय चिह्न – अशोक स्तंभ (सारनाथ का सिंह स्तंभ)
- राष्ट्रीय गीत – ‘वंदे मातरम्’
- राष्ट्रीय गान – ‘जन-गण-मन’
- राष्ट्रीय पशु – बंगाल टाइगर (बाघ)
- राष्ट्रीय पक्षी – मोर
- राष्ट्रीय फूल – कमल
- राष्ट्रीय फल – आम
- राष्ट्रीय वृक्ष – बरगद का वृक्ष
- राष्ट्रीय नदी – गंगा
- राष्ट्रीय खेल – हॉकी
- राष्ट्रीय कैलेंडर – शक संवत
- राष्ट्रीय मुद्रा – भारतीय रुपया (₹)