कठपुतली स्वाध्याय
कठपुतली स्वाध्याय इयत्ता सहावी हिंदी

विशेषता हमारी
चित्र देखकर विशेषणयुक्त शब्द बताओ और उनका वाक्यों में प्रयोग करो।

उत्तर :
नीचे प्रत्येक चित्र के अनुसार विशेषणयुक्त शब्द और उनके सरल वाक्य दिए गए हैं। आप इन्हें अपनी वर्कबुक में आसानी से लिख सकते हैं।
१) मछली (चित्र 1)
विशेषणयुक्त शब्द: काली मछली
वाक्य: तालाब में एक काली मछली तैर रही है।
२) गुलाब (चित्र 2)
विशेषणयुक्त शब्द: लाल गुलाब
वाक्य: बगीचे में लाल गुलाब बहुत सुन्दर खिल रहा है।
३) खाना बनाना (चित्र 3)
विशेषणयुक्त शब्द: गरम सब्ज़ी
वाक्य: माँ ने हमारे लिए गरम सब्ज़ी तैयार की।
४) दूध का पैकेट (चित्र 4)
विशेषणयुक्त शब्द: एक लीटर दूध
वाक्य: पिताजी घर आते समय एक लीटर दूध लाए।
५) पदक विजेता बच्चे (चित्र 5)
विशेषणयुक्त शब्द: पहला विजेता बच्चा / दूसरा विजेता बच्चा
वाक्य: प्रतियोगिता में पहला विजेता बच्चा बहुत खुश था।
६) मोमबत्तियाँ (चित्र 6)
विशेषणयुक्त शब्द: लंबी मोमबत्तियाँ
वाक्य: जन्मदिन पर हमने लंबी मोमबत्तियाँ केक पर लगाई।
७) किताब व कलम (चित्र 7)
विशेषणयुक्त शब्द: मोटी किताब
वाक्य: हमारी लाइब्रेरी में एक मोटी किताब रखी है।
८) पेड़ (चित्र 8)
विशेषणयुक्त शब्द: हरा पेड़
वाक्य: मैदान में एक हरा पेड़ बहुत सुंदर दिखाई देता है।
जरा सोचो……….. लिखो
यदि तुम्हें अलादीन का चिराग मिल जाए तो……
उत्तर :
यदि मुझे अलादीन का चिराग मिल जाए तो मैं उससे सबसे पहले दुनिया के सभी गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करने की इच्छा माँगूँगा। मैं चाहूँगा कि सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा, भोजन और रहने की जगह मिले।
मैं अपने परिवार की खुशियाँ बढ़ाने और बीमार लोगों को स्वस्थ कराने की भी इच्छा करूँगा।
अंत में, मैं दुनिया में शांति और खुशहाली लाने के लिए जिन्न से मदद माँगूँगा ताकि हर कोई सुरक्षित और आनंदमय जीवन जी सके।
स्वयं अध्ययन
उपलब्ध सामग्री से कठपुतली बनाओ और किसी कार्यक्रम में उसका मंचन करो।
उत्तर :
कठपुतली बनाने की 4-स्टेप प्रक्रिया
Step 1 : कठपुतली का चेहरा बनाओ
पुराने मोजे / कपड़े में रुई भरकर गोल आकार बनाओ।
फिर आँख, नाक और मुँह बटन, मोती या स्केच पेन से बनाकर चिपकाओ।
Step 2 : शरीर तैयार करो
चार्ट पेपर या कपड़े से शरीर (ड्रेस) का आकार काटो।
उस पर हाथ-पाँव जोड़कर पूरी कठपुतली का ढाँचा बना लो।
Step 3 : डंडी/स्टिक लगाओ
कठपुतली के पीछे लकड़ी की स्टिक या पतली डंडी चिपका दो,
ताकि उसे पकड़कर आसानी से हिलाया–नचाया जा सके।
Step 4 : कठपुतली सजाओ और मंचन करो
मोती, रिबन, ऊन आदि से कठपुतली को सुंदर बनाओ।
फिर एक छोटी-सी कहानी बोलकर उस कठपुतली का मंचन (presentation) करो।
भाषा की ओर
निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग लगाकर लिखो।

उत्तर :

खोजबीन
अंधश्रद्धा के कारण और उसे दूर करने के उपाय ढूँढो और किसी एक प्रसंग को प्रस्तुत करो।
उत्तर :
अंधश्रद्धा के कारण
- अज्ञानता और अशिक्षा – लोग विज्ञान के नियमों को न जानने के कारण झूठी मान्यताओं पर विश्वास कर लेते हैं।
- परंपराओं का अंधानुकरण – पुराने रीति-रिवाज बिना समझे अपनाए जाते हैं।
- डर और असुरक्षा – बीमारी, समस्या या अनहोनी के डर से लोग अंधविश्वासों की ओर जाते हैं।
- झूठे प्रचार – कुछ लोग लाभ के लिए तांत्रिक, ज्योतिष आदि का गलत प्रचार करते हैं।
- वैज्ञानिक सोच का अभाव – तर्क व प्रमाण की कमी से गलत बातों पर जल्द विश्वास हो जाता है।
अंधश्रद्धा दूर करने के उपाय
- शिक्षा और जागरूकता बढ़ाना
स्कूलों, घरों और समाज में विज्ञान आधारित सोच का प्रचार करना। - वैज्ञानिक कारण समझाना
हर घटना का वैज्ञानिक कारण बताकर गलत मान्यताओं को मिटाना। - बुजुर्गों से सही जानकारी लेना
पुराने रीतिरिवाजों का सही उद्देश्य समझना। - झूठे तांत्रिकों से सावधान रहना
नकली बाबाओं की बातों पर भरोसा न करना। - विज्ञान क्लब और कार्यक्रमों का आयोजन
बच्चों में तर्कशील और जिज्ञासु सोच विकसित करना।
एक छोटा प्रसंग
प्रसंग : “घर में नींबू–मिर्च टांगने का भ्रम”
गाँव में एक घर के बाहर हर शनिवार को नींबू–मिर्च टांगी जाती थी। लोग मानते थे कि इससे बुरी नजर दूर होती है।
एक दिन स्कूल के विज्ञान शिक्षक वहाँ से गुज़र रहे थे। उन्होंने बच्चों को बताया –
“नींबू और मिर्च में सिट्रिक एसिड होता है, जो कुछ समय तक कीड़ों को पास नहीं आने देता। पुराने समय में लोग इसे सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करते थे, पर इसे बुरी नजर से जोड़ दिया गया। यह सिर्फ एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, अंधविश्वास नहीं।”
बच्चों ने यह बात माता–पिता को समझाई।
धीरे-धीरे पूरे मोहल्ले में यह गलत मान्यता खत्म हो गई।
सबने समझा कि अंधश्रद्धा से समस्या नहीं सुलझती, बल्कि सही ज्ञान से समाधान मिलता है।
सुनो तो जरा
चुटकुले, पहेलियाँ सुनो और किसी कार्यक्रम में सुनाओ।
उत्तर :
नीचे कुछ आसान, मजेदार और बच्चों के कार्यक्रम में सुनाने योग्य चुटकुले और पहेलियाँ दी गई हैं —
चुटकुले
१) शिक्षक और छात्र
शिक्षक: बताओ, “गुरुत्वाकर्षण” किसे कहते हैं?
छात्र: सर! जिसे देखकर गुरु भी आकर्षित हो जाए!
२) पप्पू डॉक्टर के पास
डॉक्टर: तुम्हें क्या तकलीफ़ है?
पप्पू: जब मैं सोता हूँ, तो मुझे सपने में राक्षस आते हैं।
डॉक्टर: दवाई खा कर सोया करो।
पप्पू: लेकिन डॉक्टर साहब, दवाई राक्षस खाएँगे क्या?
३) टीचर और होमवर्क
टीचर: तुमने होमवर्क क्यों नहीं किया?
बच्चा: मैम, आपने कहा था होमवर्क दिल से करो,
मैंने किया… पर
कापी में लिखना भूल गया!
पहेलियाँ
१) “हाथ पैर नहीं, फिर भी चलता,
बिना पेट के खाना खाता।”
उत्तर – आग
२) “एक ऐसी चीज जिसे जितना खींचो उतनी छोटी होती जाती है।”
उत्तर – सिग्नल/मोमबत्ती
३) “काला काला एक घर, उसमें सफेद निवाले भर।”
उत्तर – तिलकुट/तिल की रेवड़ी
४) “वो कौन-सी चीज है जो टूट जाए तो आवाज नहीं करती?”
उत्तर – भरोसा
बताओ तो सही
किसी एक संस्मरणीय घटना का वर्णन करो।
उत्तर :
मेरे जीवन की सबसे संस्मरणीय घटना हमारे विद्यालय में मनाया गया वार्षिक क्रीड़ा दिवस है। यह घटना मुझे आज भी स्पष्ट रूप से याद है। उस दिन स्कूल का पूरा मैदान खूबसूरती से सजाया गया था। रंग-बिरंगे झंडे, गुब्बारे और सजावटी पट्टियाँ वातावरण को बेहद आकर्षक बना रहे थे। सभी छात्र अलग-अलग खेलों के लिए उत्साहित थे।
मैं भी दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेने वाला था। शुरुआत में मुझे थोड़ी घबराहट हो रही थी, परंतु अपने शिक्षक और दोस्तों के प्रोत्साहन ने मुझे आत्मविश्वास दिया। जैसे ही सीटी बजी, सभी प्रतिभागी पूरी ताकत से दौड़ पड़े। मैं भी पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ता गया और अंततः पहला स्थान प्राप्त किया।
जब मेरे नाम की घोषणा हुई और मुझे स्टेज पर बुलाया गया, तब मेरे मन में खुशी और गर्व दोनों का अनुभव हुआ। प्रधानाचार्य ने मुझे मेडल और प्रमाणपत्र दिया। मेरे माता-पिता भी यह देखकर बहुत खुश थे।
यह घटना मेरे लिए अविस्मरणीय है क्योंकि इसने मुझे सिखाया कि मेहनत और आत्मविश्वास से सफलता हमेशा मिलती है।
वाचत जगत से
हितोपदेश की कोई एक कहानी पढ़ो और उससे संबंधित चित्र बनाओ।
उत्तर :
कबूतर, चूहा और संगठन की शक्ति
बहुत समय पहले की बात है। एक जंगल में कबूतरों का झुंड रहता था। एक दिन वे भोजन की तलाश में निकले। वे सब एक जगह जमीन पर दाना चुगने लगे, लेकिन वहां एक बहेलिए ने जाल बिछाया था। सभी कबूतर उस जाल में फँस गए। सब घबराए, लेकिन उनके राजा ने समझदारी दिखाई और सबको मिलकर एक साथ उड़ने को कहा। सभी कबूतरों ने मिलकर जाल को उठाया और उड़ गए। वे अपने मित्र चूहे के पास पहुँचे। चूहे ने अपने तेज दाँतों से जाल काट दिया और सब आज़ाद हो गए।
शिक्षा
- संगठन में शक्ति है।
- संकट के समय बुद्धि और एकता काम आती है।

मेरी कलम से
हिचकी आने जैसी क्रियाओं की सूची बनाकर उनके कारण लिखो।
उत्तर :
हिचकी आने जैसी क्रियाएँ एवं उनके कारण
1. हिचकी आना
कारण:
- बहुत जल्दी-जल्दी खाना खाना
- अधिक तीखा या गरम भोजन
- पेट में गैस बनना
- अचानक डर लग जाना
2. छींक आना
कारण:
- नाक में धूल या गंदगी जाना
- ठंड लगना
- तेज खुशबू या इत्र की गंध
- एलर्जी
3. उबासी लेना
कारण:
- थकान महसूस होना
- नींद पूरी न होना
- ऊब या बोरियत लगना
- शरीर में ऑक्सीजन की कमी
4. खाँसी आना
कारण:
- गले में खराश या संक्रमण
- धुआँ, धूल या प्रदूषण
- ठंड लगना
- पानी या खाना गलती से श्वास नली में चला जाना
5. डकार आना
कारण:
- भोजन के साथ हवा पेट में जाना
- ज्यादा खाना
- सोडा जैसे गैस वाले पेय पीना
सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखो।
१. एक कठपुतली हाथ में एक …………….. लेकर आई।
(छड़ी, फूल, नारियल)
उत्तर :
एक कठपुतली हाथ में एक नारियल लेकर आई।
२. सारी कठपुतलियाँ …………….. खड़ी हो गई।
(ठिठककर, भागकर, सहमकर)
उत्तर :
सारी कठपुतलियाँ ठिठककर खड़ी हो गई।
३. जिसे लोग …………… समझते हैं।
(श्रद्धा, विश्वास, अंधविश्वास)
उत्तर :
जिसे लोग अंधविश्वास समझते हैं।
४. सारा …………….. ही छींक रहा है।
(शहर, मोहल्ला, नगर)
उत्तर :
सारा मोहल्ला ही छींक रहा है।
अध्ययन कौशल
नए शब्दों को शब्दकोश में से ढूँढकर वर्णक्रमानुसार लिखो।
उत्तर :
१. अंधविश्वास
२. आनंद
३. कठपुतली
४. कुप्रथा
५. दर्शक
६. भरपूर
७. मोहल्ला
८. व्यावहारिक
९. शिल्पकला
१०. सूत्रधार
सदैव ध्यान में रखो
बिना सोचे विचारे किसी बात पर विश्वास ना करें।
उत्तर :
क्योंकि बहुत-सी बातें अफवाह, अंधविश्वास या गलत जानकारी पर आधारित होती हैं।
हमें हर बात को समझकर, उसके कारण जानकर और सत्यता की जाँच करके ही उस पर विश्वास करना चाहिए।
जब हम सोच-समझकर निर्णय लेते हैं, तब हम गलतफहमी, धोखा और नुकसान से बच जाते हैं।
विचार मंथन
।। विज्ञान की फैलाओगे प्रकाश तो होगा अंधविश्वास का नाश।।
उत्तर :
अंधविश्वास हमेशा अज्ञान, डर और गलत मान्यताओं से जन्म लेते हैं, लेकिन जब हम किसी भी घटना का वैज्ञानिक कारण समझते हैं, तब भ्रम की कोई जगह नहीं रहती। विज्ञान हमें हर बात की तर्कसंगत व्याख्या करना सिखाता है—जिससे लोग सोच-समझकर निर्णय लेते हैं और किसी भी बात पर अंधाधुंध विश्वास नहीं करते। इसलिए शिक्षा, प्रयोग, तर्क और विज्ञान जितना अधिक फैलाएँगे, समाज उतना ही प्रगतिशील और जागरूक बनेगा। विज्ञान का प्रकाश ही अंधविश्वास को मिटाने का सबसे प्रभावी साधन है।
नीचे दी गई संज्ञाओं का वाक्यों में प्रयोग करो।

उत्तर :

नीचे दिए सर्वनामों के चित्र देखो, पहचानों और वाक्यों में प्रयोग करो। (तुम, कोई, हम आप)

उत्तर :
