खुला आकाश स्वाध्याय
खुला आकाश स्वाध्याय इयत्ता दहावी हिंदी

लेखनीय
महानगरीय/ग्रामीण दिनचर्या के लाभ तथा हानि के बारे में अपने अनुभव के आधार पर लिखिए।
उत्तर :
महानगरीय/ग्रामीण गाँवों में रहने से लोगों को कुछ लाभ व कुछ हानियाँ भी होती है। ग्रामीण दिनचर्या के लाभ तथा हानियाँ इस प्रकार है।
ग्रामीण दिनचर्या के लाभ :-
i) ग्रामीण जीवन कृषि पर आधारित होता है। ग्रामीण में गाँव के लोगों की शुद्ध प्रकृति वातावरण, शुद्ध हवा उपलब्ध होती है। यहाँ वाहनों से निकलने वाले धुॅऐ और ना ही डीजे का शोर सुनाई देता है। व शांति के माहौल में रहते है।
ii) गाँव में चारों ओर हरियाली रहती है। जो स्वास्थ के लिए अत्यंत आवश्यक है।
iii) शुद्ध रसायन मुक्त: भोजन गाँव के लोग खुद खेती करते है। गाय, भैंस पालते है। तो वह अपने लिये बिना रसायन का उपयोग किए अनाज, सब्जी आदि का प्रयोग करते है।
iv) गाँव के लोग गाय भैसों का शुद्ध और ताजा दूध का इस्तेमाल करते है। जो की अत्यंत लाभकारी है।
v) यहाँ के लोग एक स्थान से दूसरें स्थान पर जाने के लिए वाहनों का इस्तेमाल कम करते है और ज्यादातर पैदल चलते है। जो उनके शरीर के लिए लाभकारी है।
vi) गाँव के लोग शहरी भाग-दौड़ से दूर सुकून की जिंदगी जीते है यहाँ लोग दिनभर की मेहनत के बाद शाम में जल्दीं खाना खाकर अपने आँगनों में आराम करते है। प्राकृतिक हवा व शीतलता उन्हे प्राप्त होती है।
ग्रामीण दिनचर्या ही हानियाँ
i) ग्रामीण जीवन में लोगों के पास ज्यादातर साधनों का अभाव होता है। एक स्थान से दूसरे स्थान पैदल चलने में समय की बर्बादी अधिक होती है।
ii) ग्रामीण दिनचर्या में छोटी-छोटी जरूरतों के लिए शहर आना पड़ता है जिससे उनका समय व पैसा दोनों व्यर्थ होता है।
iii) गाँवों में उच्चशिक्षा का अभाव होता है। उच्चशिक्षा के लिए वे शहर जाने का रूख करना पड़ता है।
iv) गाँव शहरी सीमा से दूर होने के कारण गाँवों में विकास की धीमी रफ्तार होती है।
v) स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के लिए उन्हें अच्छे डॉक्टर के लिए गाँव से शहरों का रूख करने में परेशानियाँ होती है।
महानगरीय दिनचर्या के लाभ :-
i) महानगरीय जीवन ज्यादात्तर नौकरी व व्यवसाय पर आधारित रहता है। इसलिए यहाँ के लोगो की सुबह मॉरनिंग वॉक, जॉगिंग, योग द्वारा शुरू होती है जो उनके स्वास्थ के लिए लाभकारी है।
ii) यहाँ के लोगो के पास व्यवसाय या नौकरी में जाने के लिए ज्यादातर वाहन होते है जिससे इनके समय की काफी बचत होता है।
iii) महानगरो में दुध एवं सब्जियों ज्यादातर आसान से घर में उपलब्ध करायी जाती है साथ ही विभिन्न प्रकार के ऐप्स का प्रयोग कर विभिन्न सामग्रियों भी घर बैठे-बैठे मँगवा सकते है।
iv) महानगरो में एक-स्थान से दूसरे स्थान जाने के लिए विभिन्न प्रकार के अवागमन साधन आसानी से उपलब्ध हो जाते है।
v) महानगरो में विभिन्न प्रकार चिकित्सक, नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, विभिन्न मॅकेनिक, टेकनोलॉजी इत्यादी आसानी से उपलब्ध हो जाते है।
महानगरीय दिनचर्या की हानियाँ :-
i) महानगरो में भीड़-भाड़ मकानो की जनसंख्या अधिक होने से चारो ओर शोरसराबा अधिक होता है जिससे जीवन में शांतता का अभाव होता है।
ii) महानगरो में एक-स्थान से दूसरे स्थान में जाने के लिए ज्यादातर लोगों के पास वाहन होते है। वाहनो का शोर अत्यधिक होता है जिससे ध्वनि प्रदूषण भी अत्यधिक होता है जिससे स्वास्थ संबंध समस्याएँ उत्पन्न होती है।
iii) महानगरों में कारखानो एवं औद्योगिकीकरण के कारण वातावरण में वायु प्रदूषण अत्यधिक होता है जो श्वास संबंधी समस्या के लिए अत्यंत घातक है।
iv) महानगरी जीवन में लोग समय के अभाव के कारण ज्यादातर खाने के लिए जंक फूड का इस्तेमाल करते है। जिससे पेट से संबंधी समस्याएँ उत्पन्न होती है।
v) रात्रि में लोग सोते समय शुद्ध वायु के स्थान पर बिजली के उपकरण द्वारा वायु प्राप्त करते है। जो स्वास्थ के लिए अत्यधिक लाभकारी नही होती है।
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :-
१) प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए :

उत्तर :

२) कृति पूर्ण कीजिए :
1)

उत्तर :

2)

उत्तर :

३) आकृति में लिखिए :

उत्तर :
४)

उत्तर :

५) लिखिए :
१.

उत्तर :

२.

उत्तर :

अभिव्यक्ति
‘जो हम शौक से करना चाहते हैं, उसके लिए रास्ते निकाल लेते हैं,’ इसका सोदाहरण अर्थ लिखिए।
उत्तर :
जो हम शौक करना चाहते है, उसके लिए रास्तें निकाल लेते हैं। तात्पर्य यह है कि जिन चीजों हा हमें शौक होता है तथा हम जिन चीजों को पसंद करते है हम उसके लिए हर तरह से अपने आप को सहज बना लेते है।
जो हम नहीं करना चाहते उसके लिए हम उस कार्य को न करने के कई बहाने ढूँढते रहते है। उदाहरण के लिए लेखक को उस कंप्युटर और मोटर का शौक था तो वह उनकी सेवा में हमेशा लगा रहता था उनकी गुलामी करता और उसके नखरों को सिर झुकाकर झेलने में ही अपना कल्याण समझता था। किसी भी परिस्थिति में अपने शौक से दुखी नहीं था। बल्कि वह अपने इस शौक में आयी कमियों और परेशानियों को खुशी-खुशी करता है।
भाषा बिंदु
१) निम्नलिखित संधि विच्छेद की संधि कीजिए और भेद लिखिए :
| अनु | संधि विच्छेद | संधि शब्द | संधि भेद |
|---|---|---|---|
| १. | दु:+लभ | ——— | ——— |
| २. | महा+आत्मा | ——— | ——— |
| ३. | अन्+आसक्त | ——— | ——— |
| ४. | अंत:+चेतना | ——— | ——— |
| ५. | सम्+तोष | ——— | ——— |
| ६. | सदा+एव | ——— | ——— |
उत्तर :
| अनु | संधि विच्छेद | संधि शब्द | संधि भेद |
|---|---|---|---|
| १. | दु:+लभ | दुर्लक्ष | विसर्ग संधि |
| २. | महा+आत्मा | महात्मा | दीर्घ स्वर संधि |
| ३. | अन्+आसक्त | अनासक्त | व्यंजन संधि |
| ४. | अंत:+चेतना | अंतश्चेतना | विसर्ग संधि |
| ५. | सम्+तोष | संतोष | व्यंजन संधि |
| ६. | सदा+एव | सदैव | वृद्धिस्वर संधि |
२) निम्नलिखित शब्दों का संधि विच्छेद कीजिए और भेद लिखिए :
| अनु | शब्द | संधि विच्छेद | संधि भेद |
|---|---|---|---|
| १. | सज्जन | + | ——— |
| २. | नमस्ते | + | ——— |
| ३. | स्वागत | + | ——— |
| ४. | दिग्दर्शक | + | ——— |
| ५. | यद्यपि | + | ——— |
| ६. | दुस्साहस | + | ——— |
उत्तर :
| अनु | शब्द | संधि विच्छेद | संधि भेद |
|---|---|---|---|
| १. | सज्जन | सत् + जन | व्यंजन संधि |
| २. | नमस्ते | नम: + अस्ते | विसर्ग संधि |
| ३. | स्वागत | सु + आगत | यणस्वर संधि |
| ४. | दिग्दर्शक | दिक् + दर्शक | व्यंजन संधि |
| ५. | यद्यपि | यदि + अपि | स्वर संधि |
| ६. | दुस्साहस | दु: + साहस | विसर्ग संधि |
३) निम्नलिखित आकृति में दिए गए शब्दों का विच्छेद कीजिए और संधि का भेद लिखिए :

उत्तर :
| विच्छेद | भेद |
|---|---|
| दिक् + गज | (व्यंजन संधि) |
| सप्त + आह | (गुण स्वर संधि) |
| नि: + चल | (विसर्ग संधि) |
| भानु + उदय | (दीर्घ स्वर संधि) |
| नि: + सन्देश | (विसर्ग संधि) |
| सूर्य + अस्त | (दीर्घ स्वर संधि) |
४) पाठों में आए संधि शब्द छाँटकर उनका विच्छेद कीजिए और संधि का भेद लिखिए।
उत्तर :
सत्सहित्य = सत् + साहित्य = व्यजंन संधि
स्वार्थ = स्व + अर्थ = स्वर संधि
निरस्वार्थ = नि: + स्वार्थ = विसर्ग संधि
अपठित गद्यांश
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :-
१) कृति पूर्ण कीजिए :
१.

उत्तर :

२.

उत्तर :

२) उत्तर लिखिए :
१. परिच्छेद में उल्लिखित देश –
उत्तर :
इंग्लैड, लंदन
२. हर किसी को करना होगा –
उत्तर :
अपना कर्तव्य
३. लेखक की तकलीफें –
उत्तर :
लेखक की आमदनी कुछ भी नहीं है और कई खर्च अत्यधिक है
४. हर किसी को करनी होगी –
उत्तर :
आत्मरक्षा
३) निर्देशानुसार हल कीजिए :
अ) निम्नलिखित अर्थ से मेल खाने वाला शब्द उपर्युक्त परिच्छेद से ढूँढकर लिखिए :
१. स्वयं की रक्षा करना –
उत्तर :
आत्मरक्षा
२. दूसरों के उपकारों को मानने वाला –
उत्तर :
कृतज्ञ
ब) लिंग पहचानकर लिखिए :
१. जेब –
उत्तर :
जेब – स्त्री
२. दावा –
उत्तर :
दावा – पुल्लिंग
३. साहित्य –
उत्तर :
साहित्य – पुल्लिंग
४. सेवा –
उत्तर :
सेवा – पुल्लिंग
४) ‘कृतज्ञता’ के संबंध में अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
कृतज्ञता, आभार, या प्रशंसा किसी व्यक्तिद्वारा प्राप्त किये गये अथवा प्राप्त होने वाले लाभ की अभिस्वीकृति में एक प्रकार की सकारात्मक भावना या प्रवृत्ति है। कृतज्ञता सबसे गहरी भावनाओं में से एक है। यदि आप कृतज्ञ हो, तो आप स्वत: ही करुणामय, आनंदमय एवं शांत हो जाते है। कृतज्ञता आपके भावनात्मक परिवर्तन के मार्ग पर आप को एक सृदृढ़, बेहतर और प्रसन्न व्यक्ति बनाने हेतु अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। आप अपने कार्यों, शब्दों विचारों द्वारा कृतज्ञता प्रदर्शित कर सकते हैं। आपके कार्यों और शब्दों से दूसरों को तुरंत लाभ होता है। अत: व्यक्ति का कृतज्ञ होना आवश्यक है।