अनमोल वाणी स्वाध्याय

अनमोल वाणी स्वाध्याय

अनमोल वाणी स्वाध्याय इयत्ता आठवी हिंदी

सूचना के अनुसार कृतियाँ करो :

१) कृति पूर्ण करो :

उत्तर :

२) कविता में इस अर्थ में आए शब्द लिखो :

उत्तर :

i) मक्खन – माखन

ii) कोई – कोय

iii) बलराम – हलधर

iv) ठंडा – शीतल

३) कृति पूर्ण करो :

उत्तर :

४) ‘भोजन का प्रभाव’ – टिप्पणी लिखो।

उत्तर :

सुखी रहने के लिए स्वस्थ रहना आवश्यक है। शरीर स्वस्थ रहता है तो मन स्वस्थ रहता है। शरीर की तंदुरुस्ती भोजन पर निर्भर करती है। इस संदर्भ में महत्त्वपूर्ण है कि भोजन कब और कैसे करें। भोजन नियम से, मौन रहकर, चबा-चबाकर करना चाहिए। भोजन पूर्ण रूप से सात्विक होना चाहिए। राजसी भोजन गरिष्ठ होने के कारण शरीर को रुग्ण बनाता है। वहीं तामसी भोजन करने से शरीर, मन और बुद्धि पर घातक प्रभाव पड़ता है। इनसे अनेक प्रकार की बीमारियाँ उत्पन्न हो जाती हैं। मन तामसी स्वभाववाला, क्रोधी, चिंताग्रस्त और चिड़चिड़ा हो जाता है। बुद्धि स्थूल और जड़ प्रकृति की हो जाती है। ऐसे लोगों का ह्रदय मानवीय संवेदनाओं से शून्य हो जाता है। भोजन से शरीर का पोषण तो होता है, मनुष्य का व्यक्तित्व यानि गुण, कर्म स्वभाव और संस्कार भी बनते हैं। इसीलिए कहा गया है, जैसा भोजन खाइए, तैसा ही मन होय।

कल्पना पल्लवन

पानी, वाणी, दूध इन शब्दों का उपयोग करते हुए कोई कविता लिखो।

उत्तर :

मीठा पानी, मधुर वाणी

पानी जैसा निर्मल बनें,
सबका प्यासा मन हरें।
दूध सा पावन हो जीवन,
सच की राह दिखाए दर्शन।

वाणी हो मीठी, प्रेम भरी,
कड़वे बोलों से दूरी करें।
जैसे दूध में मिठास घुले,
वैसे हर दिल में प्यार पले।

पानी जीवन की है जान,
दूध से मिलती शक्ति महान।
वाणी से फैले सुख-शांति,
बने रहें हम सबके संगी-साथी।

भाषा बिंदु

पाठों मे आए अलग-अलग काल के वाक्य ढूँढकर उनका अन्य कालों में परिवर्तन करो।

उत्तर :

i) सामान्य भूतकाल – राजा ने चारों बेटियों को अपने पास बुलाया।

पूर्ण भूतकाल – राजा ने चारों बेटियों को अपने पास बुलाया था।

ii) सामान्य भविष्यकाल – मनुष्य नाखून बढ़ने नहीं देगा।

अपूर्ण वर्तमानकाल – मनुष्य नाखून बढ़ने नहीं दे रहा है।

iii) अपूर्ण वर्तमानकाल – अरे रामू के बापू, घोड़े बेचकर सो रहे हो।

सामान्य भविष्यकाल – अरे रामू के बापू, घोड़े बेचकर सोते रहोगे।

iv) सामान्य भूतकाल – मेरी बेटी ही हिंदी पर रजा साहब को बहुत गर्व होता था।

अपूर्ण भूतकाल – मेरी बेटी की हिंदी पर रजा साहब को बहुत गर्व हो रहा था।

v) सामान्य भविष्यकाल – हम दो दिन जुहू पर पूर्ण विश्राम करेंगे।

सामान्य भूतकाल – हम दो दिन जुहू पर पूर्ण विश्राम किया।

vi) अपूर्ण भूतकाल – इमारत की दीवार नींव से उठ रही थी।

अपूर्ण वर्तमानकाल – इमारत की दीवार नींव से उठ रही है।

vii) सामान्य वर्तमानकाल – मैं साहित्यकार हूँ, साहित्य चिंतन में विश्वास रखता हूँ।

सामान्य भविष्यकाल – मैं साहित्यकार हूँ, साहित्य चिंतन में विश्वास रखूँगा।

viii) पूर्ण वर्तमानकाल – कांग्रेस ने स्वशासन का प्रस्ताव पास कर दिया है।

सामान्य वर्तमानकाल – कांग्रेस ने स्वशासन का प्रस्ताव पास करती है।

ix) पूर्ण भूतकाल – रमन की वर्षगाँठ ने मुझे पूरे एक महीने से बेचैन कर रखा था।

सामान्य भूतकाल – रमन की वर्षगाँठ ने मुझे पूरे एक महीने से बेचैन किए रखा।

x) अपूर्ण वर्तमानकाल – पिता जी गलियारे में खड़े-खड़े निश्शब्द रो रहे हैं।

अपूर्ण भूतकाल – पिता जी गलियारे में खड़े-खड़े निश्शब्द रो रहे थे।

उपयोजित लेखन

‘आगे कुआँ पीछे खाई’ कहावत का अर्थ लिखकर उससे संबंधित कोई प्रसंग लिखो।

उत्तर :

रमेश अपने स्कूल की क्रिकेट टीम का कप्तान था। जल्दी ही पास के शहर में क्रिकेट मैच होने वाला था। जिसके लिए अपने स्कूल से रमेश का चुनाव किया गया। इसी बीच यूनिट परीक्षा प्रारंभ हो गई। रमेश चाहता था कि वह परीक्षा न देकर दूसरे स्कूलों के खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट का अभ्यास करे। उसने स्कूल के प्राचार्य को एक प्रार्थना-पत्र दिया कि मेरे पिता जी रोगग्रस्त होकर अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी सेवा-सुश्रुषा के लिए मुझे उनके पास रहना होगा। अत: मैं परीक्षा नहीं दे सकूँगा। वह रोज सुबह स्कूल के समय अपना बैग लेकर निकलता। क्रिकेट का खूब अभ्यास करता और स्कूल छूटने के समय पर घर वापिस आ जाता। सब ठीक-सा लग रहा था। परंतु एक चिंता हर समय रमेश के मन पर छाई रहने लगी। यदि प्राचार्य जी को उसके झूठ के बारे में पता चल गया तो वे उसे क्रिकेट टीम से निकाल देंगे। वह सभी शिक्षकों की नजरों से भी गिर जाएगा। और पिता जी को जब पता चलेगा की वह उन्हें बीमार बताकर क्रिकेट का अभ्यास कर रहा है, तो उन पर क्या गुजरेगी। क्या वे भविष्य में उस पर विश्वास कर पाएँगे। अब रमेश को लगा रहा था कि अपने हाथों उसके ऐसा संकट पैदा कर लिया है कि वह कहीं का नहीं रहा है। उसकेआगे कुआँ है पीछे खाई।

स्वयं अध्ययन

‘हाफ मैराथन’ में सफलता प्राप्त करने के लिए कौन-कौन-सी तैयारियाँ करोगे, लिखो।

उत्तर :

‘हाफ मैराथन’ में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक तैयारियाँ –

१. नियमित अभ्यास : हर दिन सुबह जल्दी उठकर दौड़ने का अभ्यास करूंगा। शुरुआत में छोटे अंतराल पर दौड़ूंगा और धीरे-धीरे दूरी बढ़ाऊंगा।

२. संतुलित आहार : ऊर्जा बढ़ाने के लिए प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और हरी सब्जियों से भरपूर संतुलित आहार लूंगा। जंक फूड से दूर रहूंगा।

३. योग और स्ट्रेचिंग : शरीर को लचीला बनाए रखने के लिए योग और स्ट्रेचिंग नियमित रूप से करूंगा, ताकि मांसपेशियों में खिंचाव न हो।

४. पर्याप्त नींद : प्रतिदिन कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लूंगा ताकि शरीर और मन दोनों को आराम मिले।

५. पानी और हाइड्रेशन : दौड़ते समय और अभ्यास के दौरान पानी पीते रहूंगा ताकि शरीर डिहाइड्रेट न हो।

६. अच्छे जूते और कपड़े : दौड़ के लिए आरामदायक और हल्के जूते तथा कपड़े पहनूंगा जिससे दौड़ में परेशानी न हो।

७. मानसिक तैयारी : खुद पर विश्वास रखूंगा, सकारात्मक सोच रखूंगा और हर कठिनाई का सामना धैर्यपूर्वक करूंगा।

इन तैयारियों की मदद से मैं हाफ मैराथन में न केवल भाग लूंगा, बल्कि सफलता भी प्राप्त करूंगा।

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